नमस्ते! आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह मिशन भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को डिजिटल रूप से एकीकृत करने का एक महा-अभियान है।
यहाँ इस मिशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है, जो आपको इसके उद्देश्यों, लाभों और आवेदन प्रक्रिया को गहराई से समझने में मदद करेगी।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) 2025: डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2021 को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की शुरुआत की थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक के स्वास्थ्य डेटा को एक सुरक्षित और सुलभ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है। जिस तरह UPI ने बैंकिंग क्षेत्र को बदला, ABDM स्वास्थ्य क्षेत्र को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।
1. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) क्या है?
सरल शब्दों में कहें तो, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक ऐसा ऑनलाइन ढांचा है जो मरीजों, डॉक्टरों, अस्पतालों और बीमा कंपनियों को एक सूत्र में पिरोता है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक की एक आभा आईडी (ABHA ID - Ayushman Bharat Health Account) बनाई जाती है।
इस आईडी के माध्यम से आपके स्वास्थ्य का पूरा इतिहास (जैसे पिछली बीमारियाँ, लैब रिपोर्ट, डॉक्टर के पर्चे और दवाइयों का विवरण) डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है। अब आपको अस्पताल जाने पर भारी-भरकम फाइलों और पुरानी रिपोर्टों को ढोने की आवश्यकता नहीं होगी।
2. ABDM के प्रमुख स्तंभ (Key Pillars)
इस मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार ने इसे चार मुख्य भागों में बांटा है:
ABHA (आभा) नंबर: यह एक 14 अंकों का यूनिक पहचान नंबर है। यह आपकी डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है।
Health Facility Registry (HFR): देश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और लैब का एक केंद्रीय डेटाबेस।
Healthcare Professionals Registry (HPR): देश के सभी प्रमाणित डॉक्टरों और नर्सों का डेटाबेस, ताकि मरीजों को पता हो कि वे सही डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं।
ABHA App / Personal Health Records (PHR): एक मोबाइल ऐप जहाँ मरीज अपने सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स को एक ही जगह देख सकते हैं और डॉक्टरों के साथ शेयर कर सकते हैं।
3. आभा कार्ड (ABHA ID) के फायदे
रिकॉर्ड्स तक आसान पहुँच: आपकी पुरानी लैब रिपोर्ट या एक्सरे कभी नहीं खोएंगे। वे सब डिजिटल रूप से स्टोर रहेंगे।
टेली-मेडिसिन: घर बैठे देश के बड़े डॉक्टरों से परामर्श लेना आसान हो जाएगा क्योंकि वे आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन देख सकेंगे।
सुरक्षित डेटा: आपका डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड होता है। डॉक्टर आपकी जानकारी तभी देख सकता है जब आप उसे अपने फोन पर आए OTP के जरिए अनुमति देंगे।
पेपरलेस उपचार: अस्पताल में भर्ती होने या ओपीडी (OPD) के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी, क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके पंजीकरण हो जाएगा।
बीमा दावों (Insurance Claims) में आसानी: इलाज और डिस्चार्ज की प्रक्रिया डिजिटल होने से बीमा का पैसा जल्दी मिलता है।
4. आभा (ABHA) आईडी रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है और इसे आप अपने मोबाइल से 5 मिनट में कर सकते हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया (Step-by-Step):
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले
याabdm.gov.in पर क्लिक करें।healthid.ndhm.gov.in 'Create ABHA Number' पर क्लिक करें: होमपेज पर आपको यह विकल्प दिखेगा।
आधार कार्ड चुनें: आप ड्राइविंग लाइसेंस या आधार के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं (आधार सबसे आसान तरीका है)।
आधार नंबर दर्ज करें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और 'I Agree' पर टिक करें।
OTP वेरिफिकेशन: आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करें।
विवरण भरें: आपकी फोटो, नाम और जन्म तिथि आधार से अपने आप आ जाएगी। आपको बस अपना एक 'ABHA Address' बनाना होगा (जैसे:
name@abdm) जो ईमेल आईडी की तरह होगा।कार्ड डाउनलोड करें: प्रक्रिया पूरी होते ही आपका 14 अंकों का आभा कार्ड बन जाएगा, जिसे आप डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन:
आप अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या 'कॉमन सर्विस सेंटर' (CSC) पर जाकर भी अपना आभा कार्ड बनवा सकते हैं।
5. ABDM और आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) में अंतर
अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं कि आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड एक ही हैं। इनमें मुख्य अंतर यह है:
| विशेषता | आयुष्मान भारत (PM-JAY) | आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) |
| मुख्य उद्देश्य | 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देना। | डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखना। |
| पात्रता | केवल गरीब और चिन्हित वर्ग के लिए। | भारत के हर नागरिक के लिए अनिवार्य नहीं, पर उपयोगी। |
| फायदा | अस्पताल का खर्च सरकार उठाती है। | डॉक्टर को पुरानी रिपोर्ट्स दिखाने में आसानी होती है। |
6. डेटा सुरक्षा और गोपनीयता (Privacy)
ABDM को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या हमारा स्वास्थ्य डेटा सुरक्षित है?
सरकार का दावा है कि डेटा "फेडरेटेड" मॉडल पर आधारित है। इसका मतलब है कि सरकार आपका डेटा एक जगह जमा नहीं करती, बल्कि वह आपके अस्पताल के सर्वर पर रहता है जिसे केवल आपके कहने पर एक्सेस किया जा सकता है।
मरीज के पास 'सहमति प्रबंधन' (Consent Manager) का अधिकार होता है। आप तय कर सकते हैं कि डॉक्टर आपकी कौन सी रिपोर्ट देख सकता है और कितने समय के लिए देख सकता है।
7. 2025 में डिजिटल मिशन की स्थिति
दिसंबर 2025 तक, भारत के 65 करोड़ से अधिक लोग अपनी आभा आईडी बना चुके हैं। अधिकांश बड़े अस्पताल अब 'Scan and Share' सुविधा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ओपीडी पर्ची कटाने के लिए लगने वाला 45 मिनट का समय घटकर मात्र 10-15 सेकंड रह गया है।
निष्कर्ष
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत को भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है। यह न केवल डॉक्टरों और मरीजों के बीच की दूरी कम करेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किफायती बनाएगा। यदि आपने अभी तक अपनी आभा आईडी नहीं बनाई है, तो आज ही इसे बनाएं और एक सुरक्षित स्वास्थ्य भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।
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