नमस्ते! प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) भारत की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत देश के गरीब तबके को बड़ी राहत देते हुए इसे अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
यहाँ इस योजना पर आधारित एक विस्तृत और संपूर्ण लेख दिया गया है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY): 80 करोड़ लोगों को 5 साल तक मुफ्त राशन
भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) सार्वजनिक वितरण प्रणाली के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है। दिसंबर 2025 तक की स्थिति के अनुसार, यह योजना अब केवल एक आपातकालीन राहत उपाय नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मुख्य आधार बन चुकी है।
1. योजना का परिचय और पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी। इसका प्रारंभिक उद्देश्य लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासियों को भुखमरी से बचाना था।
शुरुआत में इसे कुछ महीनों के लिए लागू किया गया था, लेकिन इसकी सफलता और जमीनी जरूरत को देखते हुए सरकार ने इसे कई चरणों में बढ़ाया। नवंबर 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की एक रैली में इसे अगले 5 वर्षों (जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 तक) के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
2. योजना की मुख्य विशेषताएं
विशाल कवरेज: इस योजना का लाभ देश के लगभग 81.35 करोड़ लोगों को मिल रहा है।
निःशुल्क खाद्यान्न: योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज (गेहूं या चावल) हर महीने दिया जाता है।
अंत्योदय अन्न योजना (AAY): इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले सबसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 35 किलो मुफ्त अनाज मिलता है।
वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC): यह योजना अब पूरी तरह डिजिटल है। प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में अपने राशन कार्ड का उपयोग करके मुफ्त अनाज प्राप्त कर सकते हैं।
भारी बजट: अगले 5 वर्षों में इस योजना पर सरकार लगभग ₹11.80 लाख करोड़ खर्च करेगी।
3. 5 साल विस्तार का महत्व
केंद्र सरकार का इसे 5 साल के लिए बढ़ाने का निर्णय "विकसित भारत" के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
आर्थिक बचत: मुफ्त राशन मिलने से गरीब परिवारों की मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा बच जाता है, जिसे वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों पर खर्च कर सकते हैं।
कुपोषण के खिलाफ जंग: अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित होने से देश के निचले स्तर पर पोषण की स्थिति में सुधार हुआ है।
बाजार की कीमतों से सुरक्षा: खाद्य मुद्रास्फीति (महंगाई) के समय में यह योजना गरीबों के लिए एक ढाल का काम करती है।
4. पात्रता और लाभार्थी (Eligibility)
PMGKAY का लाभ उन सभी नागरिकों को मिलता है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आते हैं। मुख्य श्रेणियां निम्नलिखित हैं:
अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार: सबसे गरीब परिवार (गुलाबी राशन कार्ड धारक)।
प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र परिवार (पीला/नीला/सफेद राशन कार्ड)।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग: विधवाएं, दिव्यांग, बीमार व्यक्ति और निराश्रित जो NFSA के तहत पंजीकृत हैं।
5. वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) की भूमिका
इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी पोर्टेबिलिटी है। यदि उत्तर प्रदेश का कोई श्रमिक महाराष्ट्र या दिल्ली में काम कर रहा है, तो उसे अपने गांव जाने की जरूरत नहीं है। वह बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (e-POS मशीन) के जरिए वहीं के नजदीकी राशन डीलर से अपना हिस्सा प्राप्त कर सकता है।
6. अनाज वितरण का डिजिटल तंत्र
भ्रष्टाचार और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है:
आधार सीडिंग: लगभग सभी राशन कार्ड आधार से लिंक हैं।
e-POS मशीनें: अनाज देते समय लाभार्थी के अंगूठे का निशान लिया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभ सही व्यक्ति को मिल रहा है।
डिजिटल वजन मशीनें: कई राज्यों में ई-पॉस मशीन को वजन मशीन से जोड़ दिया गया है ताकि घटतौली की संभावना न रहे।
7. निष्कर्ष: सामाजिक न्याय की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत अपनी विशाल आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है। 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज देना न केवल एक कल्याणकारी कदम है, बल्कि यह देश के विकास की नींव को भी मजबूत करता है। 2028 तक इसके विस्तार से गरीबी उन्मूलन की दिशा में सरकार को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. क्या मुझे मुफ्त अनाज के लिए अलग से फॉर्म भरना होगा? नहीं, यदि आपके पास पहले से राशन कार्ड है और आप NFSA के पात्र हैं, तो आपको यह लाभ स्वतः ही मिलता रहेगा।
Q2. क्या गेहूं और चावल दोनों मिलते हैं? यह राज्य की उपलब्धता और क्षेत्रीय खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है। कुछ राज्यों में केवल चावल, कुछ में गेहूं और कुछ में दोनों का मिश्रण दिया जाता है।
Q3. अगर राशन डीलर अनाज देने से मना करे तो क्या करें? आप टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या अपने जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) से संपर्क कर सकते हैं।
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