अटल पेंशन योजना (APY) 2025: बुढ़ापे का सहारा, हर महीने ₹5000 की पेंशन
आज के समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, अपने भविष्य और बुढ़ापे को सुरक्षित करना हर किसी के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) एक ऐसा निवेश है जो आपको 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित आय की गारंटी देता है। वर्ष 2025 तक इस योजना ने 8.45 करोड़ से अधिक पंजीकरणों के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
1. अटल पेंशन योजना क्या है? (Introduction)
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है जो असंगठित क्षेत्र (जैसे दिहाड़ी मजदूर, ड्राइवर, किसान, घरेलू सहायक आदि) में काम करते हैं और जिनके पास भविष्य निधि (PF) या अन्य पेंशन की सुविधा नहीं है।
इस योजना का संचालन पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा किया जाता है। इसमें आप 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच निवेश शुरू कर सकते हैं और 60 वर्ष की उम्र के बाद आपको आपके निवेश के आधार पर ₹1,000 से ₹5,000 तक की मासिक पेंशन मिलती है।
2. योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
अटल पेंशन योजना केवल एक पेंशन स्कीम नहीं है, बल्कि यह परिवार के लिए एक सुरक्षा चक्र भी है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
निश्चित पेंशन की गारंटी: सरकार 60 वर्ष के बाद ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 की मासिक पेंशन की गारंटी देती है।
आजीवन पेंशन: यह पेंशन लाभार्थी को उसकी मृत्यु तक मिलती रहती है।
पति/पत्नी को लाभ: लाभार्थी की मृत्यु के बाद, वही पेंशन राशि उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को आजीवन मिलती है।
नॉमिनी को पूरी राशि: यदि लाभार्थी और उसके जीवनसाथी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो 60 वर्ष तक जमा की गई पूरी राशि (कॉर्पस) नॉमिनी (Nominee) को सौंप दी जाती है।
टैक्स में छूट: इस योजना में जमा की गई राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।
स्वचालित निवेश: बैंक खाते से Auto-Debit की सुविधा होती है, जिससे आपको हर महीने पैसे जमा करने की चिंता नहीं रहती।
3. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) - 2025 अपडेट
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
भारतीय नागरिकता: आवेदक का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। (आप जितनी जल्दी जुड़ेंगे, प्रीमियम उतना ही कम होगा)।
बैंक खाता: एक सक्रिय बचत बैंक खाता या डाकघर खाता होना चाहिए जो आधार से लिंक हो।
आयकर दाता (Income Tax Payer) नियम: 1 अक्टूबर 2022 से प्रभावी नए नियमों के अनुसार, आयकर देने वाले व्यक्ति इस योजना में शामिल नहीं हो सकते। यदि कोई सदस्य बाद में टैक्सपेयर पाया जाता है, तो उसका खाता बंद कर दिया जाएगा।
4. योगदान चार्ट (Contribution Chart) - आपको कितना जमा करना होगा?
पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आपने किस उम्र में योजना शुरू की है। नीचे कुछ प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं (मासिक योगदान):
| प्रवेश आयु (Age) | ₹1,000 पेंशन के लिए | ₹3,000 पेंशन के लिए | ₹5,000 पेंशन के लिए |
| 18 वर्ष | ₹42 | ₹126 | ₹210 |
| 25 वर्ष | ₹76 | ₹226 | ₹376 |
| 30 वर्ष | ₹116 | ₹347 | ₹577 |
| 35 वर्ष | ₹181 | ₹543 | ₹902 |
| 40 वर्ष | ₹291 | ₹873 | ₹1,454 |
नोट: यदि आप 18 साल की उम्र में शुरू करते हैं, तो मात्र ₹7 प्रतिदिन (₹210 महीना) बचाकर आप बुढ़ापे में ₹5000 की मासिक पेंशन सुरक्षित कर सकते हैं।
5. आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करना बहुत सरल है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं।
A. ऑफलाइन आवेदन (बैंक जाकर):
अपने उस बैंक की शाखा में जाएं जहां आपका बचत खाता है।
APY Registration Form मांगें। (अक्टूबर 2025 से नया संशोधित फॉर्म लागू किया गया है)।
फॉर्म में अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और नॉमिनी का विवरण भरें।
पेंशन की राशि चुनें (जैसे ₹5,000)।
बैंक अधिकारी को फॉर्म जमा करें। आपके खाते से पैसे कटने शुरू हो जाएंगे।
B. ऑनलाइन आवेदन (Net Banking/eNPS):
अपने बैंक के Net Banking पोर्टल पर लॉगिन करें।
'Social Security Schemes' या 'Insurance & Pension' सेक्शन में जाएं।
'Atal Pension Yojana' चुनें और ऑनलाइन फॉर्म भरें।
eNPS पोर्टल के माध्यम से भी आधार और ओटीपी का उपयोग करके पंजीकरण किया जा सकता है।
6. महत्वपूर्ण दस्तावेज (Required Documents)
आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए।
बैंक पासबुक: जिससे खाता लिंक किया जाएगा।
सक्रिय मोबाइल नंबर: ओटीपी और अपडेट के लिए।
नॉमिनी का विवरण: पहचान पत्र और फोटो।
7. योजना से बाहर निकलना (Exit Policy)
60 वर्ष के बाद: सदस्य को पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है।
60 वर्ष से पहले (विशेष परिस्थिति): यदि सदस्य की मृत्यु हो जाती है या वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, तो जमा राशि निकाली जा सकती है।
स्वैच्छिक निकासी (Voluntary Exit): आप कभी भी योजना छोड़ सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में केवल आपके द्वारा जमा किया गया पैसा और उस पर मिला ब्याज ही वापस मिलेगा (सरकारी सह-योगदान और उसका ब्याज काट लिया जाएगा)।
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