प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 2024: एक संपूर्ण मार्गदर्शिका
1. परिचय और पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह एक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजना है, जिसके तहत वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। 2024 में, इस योजना को और अधिक समावेशी बनाते हुए इसके नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिन्हें 'PMMVY 2.0' या मिशन शक्ति के तहत लागू किया गया है।
2. योजना के मुख्य उद्देश्य
मजदूरी की भरपाई: गर्भावस्था के दौरान काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की आंशिक क्षतिपूर्ति करना, ताकि वे प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम कर सकें।
पोषण में सुधार: वित्तीय सहायता के माध्यम से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना।
स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा: समय पर प्रसव पूर्व जांच (ANC), संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करना।
बालिका जन्म को प्रोत्साहन: समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना (दूसरे बच्चे के रूप में लड़की होने पर विशेष लाभ)।
3. PMMVY के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता (नए नियम)
2024 के नवीनतम अपडेट के अनुसार, इस योजना के तहत कुल ₹11,000 तक की सहायता मिल सकती है:
A. पहले बच्चे के जन्म पर (कुल ₹5,000)
यह राशि अब दो किस्तों में दी जाती है:
पहली किस्त (₹3,000): गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) के बाद।
दूसरी किस्त (₹2,000): बच्चे के जन्म के पंजीकरण और बच्चे के टीकाकरण का पहला चक्र (BCG, OPV, DPT और Hepatitis-B) पूरा होने के बाद।
B. दूसरे बच्चे के जन्म पर (कुल ₹6,000)
शर्त: यह लाभ केवल तभी मिलता है जब दूसरा बच्चा एक लड़की (बालिका) हो।
यह राशि जन्म के बाद एक ही किस्त में सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और लिंगानुपात में सुधार करना है।
4. पात्रता मानदंड (Eligibility)
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
महिला की आयु 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
वह भारत की नागरिक होनी चाहिए।
वह किसी सरकारी संस्थान (केंद्र या राज्य सरकार) या सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में कार्यरत नहीं होनी चाहिए (क्योंकि उन्हें पहले से ही वैतनिक मातृत्व अवकाश मिलता है)।
लाभार्थी के पास आधार कार्ड और उससे लिंक बैंक खाता होना चाहिए।
विशेष श्रेणियां जिन्हें वरीयता मिलती है:
BPL राशन कार्ड धारक महिलाएं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की लाभार्थी।
ई-श्रम कार्ड धारक।
मनरेगा जॉब कार्ड धारक।
महिला किसान जो PM-Kisan की लाभार्थी हैं।
5. आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)
ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
आधार कार्ड (स्वयं और पति का)।
बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता)।
MCP कार्ड (माता और बाल संरक्षण कार्ड) – यह आंगनवाड़ी या सरकारी अस्पताल से मिलता है।
गर्भावस्था पंजीकरण की तिथि और प्रसव पूर्व जांच (ANC) का विवरण।
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (दूसरी या तीसरी किस्त के लिए)।
श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि SC/ST या अन्य विशेष श्रेणी से हैं)।
6. आवेदन प्रक्रिया (Online & Offline)
ऑनलाइन आवेदन (Online Process):
आधिकारिक वेबसाइट [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाएं।
'Citizen Login' या 'Beneficiary Registration' पर क्लिक करें।
अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी (OTP) के जरिए लॉगिन करें।
'New Registration' फॉर्म भरें। इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, गर्भावस्था की तिथि और बैंक विवरण दर्ज करें।
आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF/Image) अपलोड करें।
नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र का चयन करें और फॉर्म सबमिट करें।
ऑफलाइन आवेदन (Offline Process):
अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जाएं।
वहाँ से 'Form 1-A' (पंजीकरण के लिए) प्राप्त करें।
फॉर्म भरकर संबंधित दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा (ASHA) कार्यकर्ता को जमा करें।
7. महत्वपूर्ण नियम और शर्तें
समय सीमा: लाभार्थी को अंतिम मासिक धर्म (LMP) की तारीख से 570 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
गर्भपात या मृत जन्म: यदि किसी कारणवश गर्भपात हो जाता है, तो भविष्य में अगली गर्भावस्था के दौरान वह महिला फिर से इस योजना के लिए पात्र होगी।
सत्यापन: आवेदन के बाद, संबंधित अधिकारी (आंगनवाड़ी/सुपरवाइजर) डेटा का सत्यापन करेंगे, जिसके बाद पैसा सीधे आपके खाते में आएगा।
8. PMMVY और जननी सुरक्षा योजना (JSY)
PMMVY के अलावा, सरकारी अस्पताल में प्रसव होने पर महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ भी मिलता है। इस प्रकार, एक महिला को कुल मिलाकर लगभग ₹6,000 से ₹7,000 की कुल सहायता (पहले बच्चे पर) प्राप्त हो जाती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि यह महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाती है। 2024 में दूसरी बेटी के जन्म पर ₹6,000 की राशि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यदि आपको फॉर्म भरने या पात्रता से संबंधित कोई और सवाल पूछना हो, तो आप अपने स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं या PMMVY हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं
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